कानून की आँखों पर पट्टी क्यों बंधी रहती है ?
कानून की आँखों पर पट्टी क्यों बंधी रहती है ? कानून के मुताबिक अगर कहीं कोई जुर्म हो तो एक नागरिक को उसकी जानकारी तुरंत पुलिस को देनी चाहिए ! क़ानून आगे कहता है की पुलिस अधिकारी तुरंत उस नागरिक द्वारा दी गयी सूचना को लिखेगा ! यही सूचना ऍफ़आईआर मानी जायेगी ! अगर वहाँ कोई पुलिस अधिकारी नहीं है या वह ऍफ़आईआर लिखने से इनकार करता है तो वह नागरिक जुर्म की सूचना निकट के मजिस्ट्रेट को देगा ! मजिस्ट्रेट तुरंत पुलिस को इस सूचना से अवगत कराएगा और उसे मामले की जांच कर के अदालत के सामने पेश करने के लिए कहेगा ! अगर कोई मेरा हाथ तोड़ दे ! और मैं इसकी सूचना किसी पुलिस अधिकारी या मजिस्ट्रेट को दूं तो वह एक डाक्टर से मेरे हाथ की जांच करवाएंगे ! जांच में अगर मेरे हाथ की हड्डी टूटी हुई होगी तो जिस पर मैंने इलज़ाम लगाया है उसे गिरफ्तार किया जाएगा और उसे अदालत के सामने पेश किया जायेगा ! सोनी सोरी ने नाम लेकर कहा की अंकित गर्ग जो की दंतेवाडा का एस पी है उसने आठ अक्टूबर की रात को दंतेवाडा थाने के नए भवन में मुझे निवस्त्र किया , मुझे पैर के...
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