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Showing posts from February, 2018
बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा चांदनी यानी श्रीदेवी अब नहीं रहीं।
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बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा चांदनी यानी श्रीदेवी अब नहीं रहीं। इस खूबसूरत अभिनेत्री के निधन से पूरे बॉलीवुड और देश भर में शोक का माहौल है. बॉलीवुड सुपरस्टार अमिताभ बच्चन, अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा, प्रीति जिंटा, सुष्मिता सेन जैसी अभिनेत्रियों ने उनके निधन पर दुख जताया है. बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री श्रीदेवी का शनिवार रात दिल का दौरा पड़ने से दुबई में निधन हो गया. वह 54 साल की थी. श्रीदेवी के परिवार में पति बोनी कपूर के अलावा उनकी दो बेटियां खुशी और जाह्नवी हैं. उनके पति बोनी कपूर और छोटी बेटी खुशी शादी में शरीक होने दुबई में उनके साथ थे. इस खूबसूरत अभिनेत्री के निधन से पूरे बॉलीवुड और देश भर में शोक का माहौल है. बॉलीवुड सुपरस्टार अमिताभ बच्चन, अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा, प्रीति जिंटा, सुष्मिता सेन जैसी अभिनेत्रियों ने उनके निधन पर दुख जताया है. वहीं श्रीदेवी के साथ कई फिल्मों में काम कर चुके अमिताभ बच्चन ने देर रात ट्वीट किया, 'न जाने क्यूं , एक अजीब सी घबराहट हो रही है!!' बिग बी के इस ट्वीट के कुछ समय बाद ही श्रीदेवी के निधन की खबर मीडिया में आ गई. अमिताभ और श्रीद...
कानून की आँखों पर पट्टी क्यों बंधी रहती है ?
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कानून की आँखों पर पट्टी क्यों बंधी रहती है ? कानून के मुताबिक अगर कहीं कोई जुर्म हो तो एक नागरिक को उसकी जानकारी तुरंत पुलिस को देनी चाहिए ! क़ानून आगे कहता है की पुलिस अधिकारी तुरंत उस नागरिक द्वारा दी गयी सूचना को लिखेगा ! यही सूचना ऍफ़आईआर मानी जायेगी ! अगर वहाँ कोई पुलिस अधिकारी नहीं है या वह ऍफ़आईआर लिखने से इनकार करता है तो वह नागरिक जुर्म की सूचना निकट के मजिस्ट्रेट को देगा ! मजिस्ट्रेट तुरंत पुलिस को इस सूचना से अवगत कराएगा और उसे मामले की जांच कर के अदालत के सामने पेश करने के लिए कहेगा ! अगर कोई मेरा हाथ तोड़ दे ! और मैं इसकी सूचना किसी पुलिस अधिकारी या मजिस्ट्रेट को दूं तो वह एक डाक्टर से मेरे हाथ की जांच करवाएंगे ! जांच में अगर मेरे हाथ की हड्डी टूटी हुई होगी तो जिस पर मैंने इलज़ाम लगाया है उसे गिरफ्तार किया जाएगा और उसे अदालत के सामने पेश किया जायेगा ! सोनी सोरी ने नाम लेकर कहा की अंकित गर्ग जो की दंतेवाडा का एस पी है उसने आठ अक्टूबर की रात को दंतेवाडा थाने के नए भवन में मुझे निवस्त्र किया , मुझे पैर के...
सज़ा-ए-मौत देने के बाद जज क्यों पेन की निब तोड़ देते हैं?
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सज़ा-ए-मौत देने के बाद जज क्यों पेन की निब तोड़ देते हैं? अपराधियों को उनके किए की सजा उनके अपराधों के हिसाब से तय होती है और जैसा अपराध वैसी ही सजा मिलने का प्रावधान है।भारत में फांसी की सज़ा को काफी रेयर माना जाता है और इसे दिया भी नहीं जाता है लेकिन जब भी फांसी की सज़ा होती है , जज साहब फैसला सुनाने के बाद जिस पेन से फैसले को लिखा गया है , उस पेन की निब को तोड़ देते हैं। नई दिल्ली : अपराधियों को उनके किए की सजा उनके अपराधों के हिसाब से तय होती है और जैसा अपराध वैसी ही सजा मिलने का प्रावधान है। भारत में फांसी की सज़ा को काफी रेयर माना जाता है और इसे दिया भी नहीं जाता है लेकिन जब भी फांसी की सज़ा होती है , जज साहब फैसला सुनाने के बाद जिस पेन से फैसले को लिखा गया है , उस पेन की निब को तोड़ देते हैं। https://www.youtube.com/channel/UCmNmmYpP2-CkGsW8hHWuNCw पेन की निब को तोड़ने के पीछे क्या राज है और इसक...